असफलता बेइज्जती नहीं, सबूत है कि तू कोशिश कर रहा है
जो गिरा नहीं, वो चला ही नहीं। जो हारा नहीं, वो लड़ा ही नहीं।
👉 कई लोग असफल होने से इतना डरते हैं कि कोशिश ही नहीं करते।
👉 और फिर बोलते हैं, "मेरे बस का नहीं था"।
भाई सच उल्टा है। असफलता बेइज्जती नहीं है। असफलता इस बात का सबूत है कि तूने हिम्मत की। तू मैदान में उतरा। तूने कोशिश की।
जो कुछ नहीं करता, वो कभी असफल नहीं होता। पर वो कभी जीतता भी नहीं।
1. हर सफल आदमी के पीछे कई असफल कहानियां होती हैं
तुझे जो ऊपर दिखता है, उसके पीछे कई गिरने की कहानियां हैं भाई।
👉 दुकान वाला पहली बार में दुकान नहीं चलाता। पहले कई बार नुकसान झेलता है।
👉 किसान एक ही बार में फसल नहीं सीखता। कई बार बीज खराब होता है।
👉 बच्चा भी पहली बार में चलना नहीं सीखता। कई बार गिरता है, फिर उठता है।
पर किसी ने बच्चे को ये नहीं बोला कि गिर गया तो बेइज्जती है। सबने कहा गिरेगा, फिर सीखेगा।
फिर बड़े होने पर हम क्यों भूल जाते हैं?
कई बार लोग एक बार असफल होते हैं और सोचते हैं सब खत्म। "लोग क्या कहेंगे, मैंने कोशिश की और नहीं हुआ"।
भाई लोग दो दिन कहेंगे, फिर भूल जाएंगे। पर तू अगर रुक गया तो खुद को जिंदगी भर कहेगा, "काश कोशिश करता"।
👉 असफलता शोर नहीं करती। ये सिखाती है।
👉 जो सुन लेता है, वो आगे निकल जाता है। जो शर्म समझ लेता है, वो वहीं रुक जाता है।
2. बेइज्जती असफलता में नहीं, कोशिश न करने में है
सोच कर देख।
एक आदमी ने कोशिश की, गिर गया। दूसरे ने कोशिश ही नहीं की, बहाने बनाता रहा।
इज्जत किसकी ज्यादा है?
पहले वाले की। क्योंकि उसने हिम्मत तो की।
कई लोग पूरे साल योजना बनाते रहते हैं। परफेक्ट समय ढूंढते हैं। परफेक्ट पैसा, परफेक्ट लोग।
परफेक्ट कुछ नहीं होता भाई। शुरू अधूरे सामान से ही करना पड़ता है।
👉 असफल होना मतलब तूने कुछ किया।
👉 कुछ नहीं करना मतलब तूने पहले ही हार मान ली।
दुनिया हँसेगी? हाँ, कुछ लोग हँसेंगे। पर दुनिया उसी पर हँसती है जो कुछ करने की कोशिश करता है। जो कुछ नहीं करता, उस पर कोई बात भी नहीं करता।
और जो आज हँस रहे हैं, कल वही पूछेंगे, "भाई कैसे किया, हमें भी बता"।
3. असफलता फेल होना नहीं, फीडबैक है
स्कूल ने हमें सिखाया, असफल मतलब फेल। जिंदगी कहती है, असफल मतलब अभी सीखना बाकी है।
👉 दुकान नहीं चली? मतलब जगह गलत थी, या सामान गलत था, या तरीका गलत था। दुकानदार गलत नहीं था।
👉 रिश्ता नहीं चला? मतलब बात करने का तरीका गलत था, समय गलत था। इंसान बुरा नहीं था।
👉 नौकरी नहीं मिली? मतलब तैयारी में कुछ कमी थी। कोशिश में नहीं।
असफलता बोलती है, "यहाँ सुधार कर"। हम सुनते हैं, "तू किसी लायक नहीं"।
फर्क सुनने में है भाई।
जो लोग आगे बढ़ते हैं, वो असफलता को गाली नहीं देते। उससे पूछते हैं, "तू क्या सिखाने आई है?"
और जो सीख लेता है, वो अगली बार बेहतर करता है।
कई बार लोग एक ही गलती बार बार करते हैं, फिर बोलते हैं किस्मत खराब है। भाई गलती दोहराना किस्मत नहीं, आदत है। सबक लेना जरूरी है।
4. लोग क्या कहेंगे, इसी डर में कई सपने मर जाते हैं
सबसे बड़ी जंजीर यही है।
"असफल हो गया तो लोग क्या कहेंगे"। "दोस्त हँसेंगे"। "रिश्तेदार ताना मारेंगे"।
भाई लोग कहेंगे, जरूर कहेंगे। उनका काम है कहना।
पर तू किसके लिए जी रहा है? लोगों के लिए या अपने लिए?
जिन लोगों के डर से तू रुक रहा है, वो तेरे सपने पूरे करने नहीं आएंगे।
👉 एक लड़के ने छोटा काम शुरू किया, लोग हँसे। दो साल बाद वही लोग उससे काम मांग रहे थे।
👉 एक लड़की ने गाना शुरू किया, लोगों ने कहा "इससे क्या होगा"। आज वही गाना लोग सुन रहे हैं।
शुरू में सब हँसते हैं भाई। बाद में सब पूछते हैं कैसे किया।
हँसी से डर गया तो जिंदगी भर वहीं खड़ा रहेगा।
5. तो असफल हो जाए तो करना क्या है? 3 सीधी बातें
पहली बात: रो ले, पर रुक मत
बुरा लगेगा भाई, लगना भी चाहिए। दिल है।
एक दिन ले। सोच ले। पर दूसरे दिन उठ जा।
👉 गिरना बुरा नहीं है। गिर कर पड़े रहना बुरा है।
दूसरी बात: लिख ले क्या सीखा
एक कागज ले।
लिख, क्या किया? क्या गलत हुआ? अगली बार क्या अलग करूंगा?
जो लिख लेता है, वो भूलता नहीं। जो भूलता नहीं, वो दोहराता नहीं।
कई बार असफलता पैसों का नुकसान नहीं कराती, सबक दे जाती है जो पैसों से महंगा होता है।
तीसरी बात: फिर कोशिश कर, पर तरीके से
वही काम वैसे ही फिर मत कर। थोड़ा बदल कर कर।
👉 रास्ता बदल, मंजिल नहीं।
👉 तरीका बदल, सपना नहीं।
एक दरवाजा बंद हो तो दूसरा खुला होता है। बस आंखें खुली रखनी पड़ती हैं।
देशी सोच का निचोड़
असफलता दाग नहीं है भाई। ये निशान है। इस बात का कि तूने कोशिश की।
गाँव का देसी फंडा है, "जिसके हाथ में मिट्टी लगी है, समझो उसने खेत जोता है, जो साफ हाथ लेकर घूम रहा है, उसने कुछ बोया ही नहीं"।
👉 मिट्टी लगने दे। हाथ गंदे होने दे।
👉 यही मिट्टी एक दिन सोना बनेगी।
असफल हो गया तो शर्म मत कर। कोशिश ही नहीं की तो सोच।
गिरना बेइज्जती नहीं है। गिर कर न उठना बेइज्जती है।
तू कोशिश करता रह भाई। असफलता खुद एक दिन थक कर बोलेगी, अब इसे जीतने देते हैं।