क्या तेरी असफलता का कारण तेरे रिश्तेदार हैं?
सबसे आसान बहाना जो हर हारने वाला आदमी ढूंढ लेता है।
👉 हर गली में एक आदमी मिलेगा जो बोलेगा, 'मेरे चाचा ने नहीं करने दिया'
👉 हर चाय की दुकान पर बात होगी, 'फलाने ने टांग खींच ली वरना मैं कहाँ होता'
पर रुक भाई।
अगर रिश्तेदार ही तरक्की रोक सकते, तो अंबानी, टाटा, कलाम कोई नहीं बनता।
अगर बाहर वाले ही रास्ता बंद कर सकते, तो कोई गरीब घर से उठकर बड़ा नहीं होता।
असली सच सुनने की हिम्मत है?
1. रिश्तेदार टांग खींचते हैं, या तू खुद गिर जाता है
तू बोलता है 'मामा ने साथ नहीं दिया'।
पर भाई तूने मेहनत कितनी की थी? योजना कितनी पक्की थी?
जब नाव में छेद हो तो पानी अपने आप आता है। किसी को डालना नहीं पड़ता।
👉 जब तेरे इरादे कमजोर होंगे तो दुनिया का हर आदमी तेरी टांग खींचता दिखेगा।
एक बच्चा चलना सीखता है। सौ बार गिरता है। क्या वो बोलता है 'जमीन ने गिरा दिया'?
नहीं। वो फिर उठता है। क्योंकि उसे चलना है।
👉 तू गिरने के बाद रिश्तेदार गिनने लगता है। इसीलिए तू वहीं पड़ा रहता है।
2. लोग क्या कहेंगे का डर तेरे घर से शुरू होता है
तू बाहर वालों को दोष देता है। पर सबसे पहले रोकता कौन है?
👉 तेरी माँ बोलती है, 'बेटा ये काम ठीक नहीं, लोग क्या बोलेंगे'
👉 तेरा बाप बोलता है, 'नौकरी कर ले, व्यापार में जोखिम है'
👉 तेरा बड़ा भाई बोलता है, 'ज्यादा उड़ मत, गिर जाएगा'
बाहर वाला तो बाद में बोलता है भाई। पहली दीवार घर से ही उठती है।
जिसको उड़ना है वो पिंजरा तोड़ देता है। पिंजरा बनाने वाले को दोष नहीं देता।
👉 तू पिंजरे में बैठकर बोलता है 'बाहर वाले उड़ने नहीं देते'। फर्क समझ।
3. तू कामयाब हो जा, वही रिश्तेदार ताली बजाएंगे
आज तू संघर्ष में है। रिश्तेदार बोलेंगे, हमने पहले ही कहा था।
कल तू सफल हो गया। वही रिश्तेदार बोलेंगे, हमारा खून है ये।
👉 असफलता में सौ सलाह देने वाले मिलते हैं।
👉 सफलता में सौ रिश्तेदारी निभाने वाले आ जाते हैं।
धोनी जब टिकट कलेक्टर था, तब कितने रिश्तेदार घर आते थे?
विश्व कप जीतने के बाद पूरा गाँव रिश्तेदार बन गया।
लोग तेरे समय को नहीं, तेरे परिणाम को सलाम करते हैं। तू परिणाम दे। रिश्तेदार अपने आप बदल जाएंगे।
4. अपना घर पहले देख, दूसरों का बाद में
तू बोलता है फलाने ने चुगली कर दी।
पर भाई तेरे घर में एकता कितनी थी? तेरे भाई का साथ कितना था? तेरी पत्नी का विश्वास कितना था?
जब घर की दीवार कमजोर हो तो हल्की हवा भी गिरा देती है।
👉 जब घर में दिक्कत हो तो बाहर वाला कुछ बोले ना बोले, फर्क क्या पड़ता है।
पहले अपना घर संभाल। अपना मन मजबूत कर। अपनी टीम बना।
जब तेरा किला मजबूत होगा, तो कोई रिश्तेदार क्या, कोई दुश्मन भी सेंध नहीं लगा पाएगा।
देशी सोच का निचोड़
रिश्तेदार तरक्की नहीं रोकते भाई। तेरी हिम्मत रोकती है। तेरा डर रोकता है। तेरा बहाना रोकता है।
👉 गाँव का देसी फंडा है - भेड़ियों का डर जंगल में लगता है, शेर को अपने घर में भी नहीं लगता।
👉 तू शेर बन। भेड़ मत बन जो हर आहट पर रिश्तेदार गिनने लगे।
बहाना आसान है।
मेहनत कठिन है।
बहाने बनाने वाला जीवन भर रिश्तेदार गिनता रहेगा।
मेहनत करने वाला एक दिन उन्हीं रिश्तेदारों से ताली बजवाएगा।
चुनाव तेरा है।