ताऊ का नुस्खा: बिना Gym के तगड़ा बनने के 5 देसी तरीके
भाई, Gym की 3000 महीना Fees देखकर पसीना आ जाता है? मशीनों की लाइन देखकर डर लगता है?
टेंशन मत ले। तेरे दादा-परदादा ने कभी Gym का मुंह नहीं देखा। फिर भी वो 80 किलो की बोरी एक हाथ से उठा लेते थे। कैसे?
जवाब है - अखाड़े की कसरत। देसी जुगाड़।
आज ताऊ के 5 पुराने नुस्खे बता रहा हूँ। ये वो कसरत हैं जो पहलवान 100 साल से करते आ रहे हैं। न मशीन चाहिए, न पैसा। बस जमीन और हौसला चाहिए।
ये सब पारंपरिक व्यायाम के तरीके हैं। कोई भी कसरत शुरू करने से पहले अपने शरीर की क्षमता देख लो। अगर घुटने, कमर या कंधे में पहले से दर्द है तो डॉक्टर या फिजियो से पूछकर ही करना। जबरदस्ती मत करना भाई।
नुस्खा 1: दंड - देसी Push-up का बाप
दंड ( Push-ups)
क्या है: दंड को देसी कसरत का राजा माना जाता है। ये आम Push-up से अलग है। इसमें पूरा शरीर लहर की तरह चलता है।
किसके लिए माना जाता है: कई पुराने पहलवान मानते हैं कि दंड से छाती, कंधे, पीठ और कमर एक साथ मजबूत महसूस होते हैं। शरीर में लचक भी आती है।
कैसे करते हैं - आसान तरीका:
- जमीन पर Push-up की Position में आ जाओ। पर हाथ कंधे से थोड़ा आगे रखो।
- पीछे को होकर शरीर का V बनाओ, जैसे पहाड़। इसे शुरुआती Position बोलते हैं।
- अब धीरे-धीरे छाती को जमीन के करीब लाते हुए आगे को सरकाओ, जैसे नदी के नीचे से निकल रहे हो।
- आखिर में छाती ऊपर, कमर नीचे, मुँह आसमान की तरफ।
- फिर उसी रास्ते से वापस V Position में। ये 1 दंड हुआ।
ताऊ की टिप: शुरू में 5 दंड ही मारो। जल्दबाजी मत करो। पहलवान 500-1000 मारते थे, पर वो बचपन से करते थे। तू 20 तक पहुंच जाए तो बहुत है।
नुस्खा 2: बैठक - पैरों में भर दे Diesel
बैठक ( Squats)
क्या है: ये देसी Squats हैं। Gym वाली Squat से अलग। इसमें एड़ी जमीन पर टिकी रहती है और हाथ सामने चलते हैं।
किसके लिए माना जाता है: बैठक को पैरों, जांघों और घुटनों के आसपास की मांसपेशियों के लिए पारंपरिक तरीका माना जाता है। पुराने लोग कहते थे कि बैठक से चलने की ताकत आती है।
कैसे करते हैं - आसान तरीका:
- सीधे खड़े हो जाओ। पैरों के बीच थोड़ा Gap रखो।
- दोनों हाथ सामने सीधे कर लो।
- अब धीरे-धीरे नीचे बैठो। ध्यान रहे एड़ी जमीन से उठनी नहीं चाहिए। पूरी बैठकी लगाओ, जैसे देसी लैट्रिन में बैठते हैं।
- नीचे जाकर 1 सेकंड रुको, फिर ऊपर आ जाओ।
- ऊपर आते वक्त सांस छोड़ो, नीचे जाते वक्त लो।
ताऊ की टिप: अगर शुरू में पूरी नीचे नहीं जा पा रहे तो कुर्सी रख लो पीछे। धीरे-धीरे कुर्सी हटा देना। दंड और बैठक को साथ में "दंड-बैठक" बोलते हैं। यही पहलवानों का ब्रह्मास्त्र था।
नुस्खा 3: मुगदर - कंधों का काल
मुगदर भांजना (Indian Club Swinging)
क्या है: मुगदर लकड़ी का बड़ा सा हथौड़ा जैसा होता है। इसे दोनों हाथों से पकड़कर गोल-गोल घुमाते हैं।
किसके लिए माना जाता है: पहलवानों का मानना है कि मुगदर से कंधे, कलाइयां, पकड़ और पूरा ऊपरी शरीर लोहे जैसा हो जाता है। पुराने जमाने का Kettlebell समझ लो।
कैसे करते हैं:
- शुरू में हल्का मुगदर लो - 2 से 3 किलो। Amazon पर मिल जाता है या बढ़ई से बनवा लो।
- दोनों हाथ से पकड़कर सिर के पीछे से घुमाकर आगे लाओ, फिर वापस।
- YouTube पर 'Mugdar Exercise' देखकर सही तरीका सीख लो। गलत तरीके से कंधा उतर सकता है।
ताऊ की टिप: अगर मुगदर नहीं है तो 5 लीटर पानी वाली बोतल में रेत भरकर Use कर लो। जुगाड़ ही देसीपन है भाई। पर बहुत सावधानी से।
नुस्खा 4: अखाड़े वाली रस्सी - गाँव का Rowing Machine
मलखंब या रस्सी की कसरत
क्या है: गाँव के अखाड़े में एक मोटी रस्सी या लकड़ी का खंबा गड़ा होता था। पहलवान उस पर चढ़ते-उतरते थे।
किसके लिए माना जाता है: इसे पकड़, बाजू, पीठ और पेट के लिए सबसे तगड़ी कसरत माना जाता है। पूरा वजन खुद का उठाना पड़ता है।
शहर वाला जुगाड़:
- Park में जाकर पेड़ की मोटी डाल पकड़कर लटक जाओ। 10 सेकंड लटको। ये ही बहुत है शुरू में।
- घर में पुराना दुपट्टा या टॉवल दरवाजे के ऊपर से डालकर दोनों सिरे पकड़कर खींचो। इसे Towel Row बोलते हैं।
ताऊ की टिप: लटकने से रीढ़ की हड्डी सीधी होती है ऐसा माना जाता है। दिनभर लैपटॉप पर झुके रहने वालों के लिए रामबाण है।
नुस्खा 5: सूर्या नमस्कार - 12 कसरत का Combo Pack
सूर्या नमस्कार
क्या है: ये 12 अलग-अलग Position का एक सेट है। योग और कसरत का मिश्रण।
किसके लिए माना जाता है: पुराने ऋषि-मुनि मानते थे कि सूर्या नमस्कार से पूरा शरीर, सांस और दिमाग तीनों की कसरत हो जाती है। एक कसरत में सब कुछ।
कैसे करते हैं:
- सुबह-सुबह सूरज की तरफ मुँह करके करो।
- YouTube पर 'Surya Namaskar for Beginners' देखकर 12 Step सीख लो।
- शुरू में 3 सेट करो। धीरे-धीरे 12 तक ले जाओ।
ताऊ की टिप: Gym में 10 मशीन बदलनी पड़ती हैं। सूर्या नमस्कार में 1 जगह खड़े-खड़े सब हो जाता है। Time भी बचता है,
💪 पहलवान का खाना - बिना Protein Powder के
भाई कसरत तो कर ली, अब खाएगा क्या? पुराने पहलवान क्या खाते थे?
- सुबह: 500gm दूध + 5 बादाम + 2 चम्मच देसी घी
- कसरत के बाद: सत्तू का शरबत या चने गुड़
- दोपहर: बाजरे/ज्वार की रोटी, हरी सब्जी, दही, गुड़
- शाम: फल
- रात: खिचड़ी या दाल-रोटी, हल्दी वाला दूध
न Whey, न Creatine। फिर भी गामा पहलवान 1200 दंड मार लेता था। असली चीज खाना और मेहनत है भाई, Powder नहीं।
आखिरी बात: मशीन नहीं, मेहनत पर भरोसा कर
भाई, Gym गलत नहीं है। पर Gym ही सब कुछ नहीं है।
तेरे पास पैसे नहीं हैं तो शर्म मत कर। जमीन सबके पास है। 2x2 की जगह में दंड-बैठक हो जाती है।
देसी कसरत के 3 फायदे जो Gym में नहीं मिलते:
- पैसा बचता है: 0 रुपये महीना। बचत ही कमाई है।
- कहीं भी कर सकते हो: गाँव, शहर, छत, Park। मशीन का मोहताज नहीं।
- टिकाऊ ताकत: मशीन वाली बॉडी 1 महीना Gym न जाओ तो पिचक जाती है। देसी कसरत वाली ताकत सालों टिकती है।
तो आज से शुरू कर। 5 दंड, 10 बैठक। बस इतना ही। 1 महीने बाद खुद फर्क देखियो।
याद रख - "पहलवान मशीन से नहीं, मिट्टी से बनते हैं।" और तू भी बन सकता है। बस हौसला चाहिए।
तो लग जा भाई। ताऊ का नुस्खा आजमा के देख 💀